हसेरन मे एक परिवार पॉलिथीन डालकर रहने को मजबूर सरकारी योजनाओं का नहीं मिला लाभ
पॉलिथीन तानकर गुजर-बसर करने को मजबूर परिवार, सरकारी योजनाओं का नहीं मिला लाभ
हसेरन से पब्लिक न्यूज़ अड्डा सुमित कुमार मिश्रा



हसेरन। सरकार की ओर से गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए विभिन्न आवास एवं स्वच्छता योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन विकासखंड हसेरन के देहकापुरबा गांव में एक परिवार आज भी पक्के आवास और शौचालय की सुविधा से वंचित है। परिवार पॉलिथीन तानकर बनी झोपड़ी में रहने को मजबूर है।देहकापुरबा निवासी अजीत कुमार पुत्र सोनेलाल अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ करीब 10 वर्षों से झोपड़ी में रह रहे हैं। परिवार का भरण-पोषण अजीत कुमार गांव-गांव फेरी लगाकर और मजदूरी करके करते हैं। उनके चारों बच्चे गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते हैं। परिवार का कहना है कि सीमित आमदनी के कारण घर का खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा है।अजीत कुमार के मुताबिक, उन्होंने कई बार ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों से पक्के आवास और शौचालय की मांग की, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। परिवार की ओर से यह आरोप भी लगाया गया कि आवास दिलाने के नाम पर ग्राम प्रधान को रुपये दिए गए, इसके बावजूद अभी तक आवास का लाभ नहीं मिला। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।परिवार का कहना है कि बारिश और मौसम की मार के बीच पॉलिथीन की झोपड़ी में रहना बेहद मुश्किल है। बच्चों के साथ रहने के कारण उन्हें पक्के मकान और शौचालय की तत्काल जरूरत है।खंड विकास अधिकारी राम सिंह ने बताया कि आवास के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना संचालित हैं। मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया अपनाई जाती है। उन्होंने परिवार को जल्द ही पात्रता के आधार पर आवास और शौचालय योजना का लाभ दिलाने की बात कही है।अब देखना यह है कि लंबे समय से झोपड़ी में जीवन गुजार रहे इस परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ कब तक मिल पाता है।

