छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ वास्तविक निर्माण स्थलों का मिलेगा अनुभव: निधि वार्ष्णेय
• पॉलिटेक्निक तिर्वा के सिविल इंजीनियरिंग छात्रों को मिलेगा साइट ट्रेनिंग और रोजगार का अवसर

तिर्वा, कन्नौज। मान्यवर कांशीराम राजकीय पॉलिटेक्निक, तिर्वा और उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के बीच मंगलवार को महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) हुआ। समझौते का उद्देश्य सिविल इंजीनियरिंग डिप्लोमा के छात्रों को व्यावहारिक तकनीकी ज्ञान, निर्माण स्थल पर प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। समझौते पर पॉलिटेक्निक की प्रधानाचार्य निधि वार्ष्णेय और उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद, निर्माण खंड-2 हंसपुरम कानपुर के अधिशासी अभियंता इं. मिश्री लाल ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान पॉलिटेक्निक की ओर से डॉ. अर्पित श्रीवास्तव, प्रमोद, श्रेया और शशांक पटेल तथा आवास विकास परिषद के भुवनेश पचौरी मौजूद रहे। एमओयू के तहत सिविल इंजीनियरिंग के छात्रों को परिषद की निर्माणाधीन परियोजनाओं में औद्योगिक प्रशिक्षण और समर इंटर्नशिप का अवसर मिलेगा। छात्र निर्माण स्थलों का भ्रमण कर आधुनिक निर्माण तकनीक, साइट प्रबंधन और गुणवत्ता नियंत्रण की जानकारी भी हासिल कर सकेंगे। इसके अलावा योग्य डिप्लोमा पास छात्रों को परिषद और उससे संबद्ध परियोजनाओं में रोजगार व भर्ती के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में सहयोग किया जाएगा। परिषद के अनुभवी इंजीनियर संस्थान में तकनीकी व्याख्यान और कार्यशालाएं भी आयोजित करेंगे। प्रधानाचार्य निधि वार्ष्णेय ने कहा कि समझौते से छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ वास्तविक निर्माण स्थलों का अनुभव मिलेगा। इससे उनके तकनीकी कौशल में निखार आएगा और रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

