कन्नौज में उर्वरक प्रतिष्ठानों पर जिला कृषि अधिकारी का छापा, नमूने लिए गए
• अनियमितता मिलने पर खाद विक्रेता का लाइसेंस निलंबित
कन्नौज। किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने जिले में उर्वरक प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण अभियान चलाया। अभियान के दौरान कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई, नमूने लिए गए और एक खाद विक्रेता का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। जिला कृषि अधिकारी संत लाल गुप्ता ने बताया कि जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री के निर्देश पर जिले में उर्वरकों की गुणवत्ता और उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निरीक्षण अभियान चलाया गया। निरीक्षण के दौरान मियागंज स्थित मैसर्स सुपर ट्रेडर्स पर 500 बोरी एनपीके उर्वरक का स्टॉक मिला। यहां से गुणवत्ता परीक्षण के लिए एनपीके का एक नमूना लिया गया। वहीं हरदोई मोड़ स्थित मैसर्स एमके ट्रेडर्स पर 200 बोरी यूरिया उपलब्ध मिली। विक्रेता को निर्देश दिए गए कि किसानों को उनकी फसल की आवश्यकता और शासन के निर्धारित मानकों के अनुरूप ही उर्वरक उपलब्ध कराए जाएं। तिखवा, मानीमऊ स्थित मैसर्स आवश्यक खाद भंडार के निरीक्षण में वितरण रजिस्टर में किसानों की फार्मर आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज न किए जाने की अनियमितता सामने आई। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित खाद विक्रेता का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही एनपीके उर्वरक का एक नमूना जांच के लिए संग्रहित किया गया। जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से अपील की कि उर्वरक खरीदते समय फार्मर आईडी, आधार कार्ड और खतौनी साथ लेकर जाएं तथा कृषि विभाग की संस्तुति के अनुसार ही उर्वरकों का उपयोग करें। उन्होंने बताया कि जिले में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। वर्तमान में 18,569.3 मीट्रिक टन यूरिया, 7,056.7 मीट्रिक टन डीएपी, 14,783.06 मीट्रिक टन एनपीके, 3,707.25 मीट्रिक टन पोटाश और 4,223.99 मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है। किसानों को घबराकर अनावश्यक भंडारण करने की जरूरत नहीं है। कृषि विभाग समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है।


