मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की रैंकिंग में गिरावट पर डीएम सख्त, अफसरों को जिले में रुककर कार्य करने के दिए निर्देश

दो माह में ठोस सुधार लाने के निर्देश, रैंकिंग में गिरावट वाले विभागों से कल तक मांगी कारण सहित आख्या

कन्नौज। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की अगस्त माह की रैंकिंग में विकास कार्यों में जिले के 49वें और राजस्व कार्यों में 60वें स्थान पर रहने पर जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को प्रतिदिन योजनाओं की मॉनिटरिंग कर समयबद्ध सुधार लाने के निर्देश दिए। कहा कि ‘काम होगा’ की सोच से काम नहीं चलेगा, ‘काम पूरा हुआ’ का परिणाम चाहिए। मंगलवार को कलेक्ट्रेट के गांधी सभागार में विकास प्राथमिकता, दर्पण पोर्टल, मुख्यमंत्री डैशबोर्ड और आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण की समीक्षा बैठक हुई। डीएम ने कहा कि रैंकिंग में गिरावट को सामान्य अथवा स्वीकार्य नहीं माना जाएगा। संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेते हुए परिणाम में सुधार सुनिश्चित करें। जिन विभागों की रैंकिंग में गिरावट आई है, वे बुधवार तक कारण, वर्तमान स्थिति और सुधार की कार्ययोजना सहित आख्या उपलब्ध कराएं। स्वास्थ्य विभाग और फैमिली आईडी पर जताई नाराजगी। स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। फैमिली आईडी में जिले की स्थिति कमजोर मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई। कहा कि फैमिली आईडी सहित  जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रतिदिन समीक्षा की जाए। जिला स्तरीय अधिकारी जिम्मेदारी अधीनस्थों पर थोपने के बजाय स्वयं मॉनिटरिंग करें।

सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं
लोक निर्माण विभाग की समीक्षा में नई सड़कों के निर्माण में मात्र 3/10 अंक और सी ग्रेड मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्माण कार्यों में तेजी लाने के साथ गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रत्येक निर्माणाधीन सड़क की भौतिक प्रगति और गुणवत्ता की नियमित जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। अनावश्यक विलंब और लापरवाही बर्दाश्त नहीं करने की चेतावनी दी।
*रोड कटिंग के बाद सड़क ठीक न होने पर तय होगी जिम्मेदारी*
जल निगम के पाइपलाइन और नल कनेक्शन कार्यों के लिए रोड कटिंग के बाद सड़कों की स्थिति की समीक्षा करते हुए डीएम ने मुख्य विकास अधिकारी को संबंधित कार्यदायी संस्था की लापरवाही पर केवल संस्था के विरुद्ध कार्रवाई तक सीमित न रहने के निर्देश दिए। कहा कि सुधार नहीं होने पर अधिशासी अभियंता जल निगम की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए। कार्यदायी संस्था से समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य कराना विभागीय अधिकारी का दायित्व है।
*दर्पण पोर्टल की रैंकिंग सुधारने के निर्देश*
डीएम ने डीडी कृषि, मनरेगा, वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि रैंकिंग केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि विभागीय कार्यप्रणाली और जनता को मिल रही सेवाओं का प्रतिबिंब है। पोर्टल पर आंकड़े सुधारने के बजाय *धरातल पर कार्य की गति और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।*
उन्होंने कहा कि जिस तरह सहकारिता और खाद की उपलब्धता व वितरण की दैनिक मॉनिटरिंग से बेहतर परिणाम मिले हैं, उसी तरह सभी विभागों को अपनी योजनाओं की डेली मॉनिटरिंग करनी होगी। कमजोर योजनाओं की रैंकिंग में अगले दो माह में ठोस सुधार लाने के निर्देश दिए।
*आईजीआरएस शिकायतों का हो गुणवत्तापूर्ण निस्तारण*
डीएम ने आईजीआरएस प्रकरणों का निस्तारण केवल कागजी खानापूर्ति तक सीमित न रखने को कहा। शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान कराते हुए निस्तारण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। लंबित और समय-सीमा वाले प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने तथा लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय करने की चेतावनी दी।
*जनपद में रुककर कार्य करें अधिकारी*
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को जनपद में रुककर कार्य करने और प्रतिदिन आने-जाने की प्रवृत्ति से बचने के निर्देश दिए। कहा कि महत्वपूर्ण विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए अधिकारियों का क्षेत्र में उपलब्ध रहना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनता को परिणाम चाहिए, बहाने नहीं। अधिकारी लक्ष्य तय कर उसे समय से पूरा करें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास चंद्रा, जिला विकास अधिकारी, पीडी डीआरडीए, डीसी एनआरएलएम, डीसी मनरेगा, उपायुक्त उद्योग सहित संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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