विद्यालयों में फीस, ड्रेस व पुस्तकों को लेकर मनमानी पर सख्ती, डीएम ने दिए निर्देश
• स्कूलों की मनमानी पर कसेगा शिकंजा, कॉपीराइट पुस्तकों की पाइरेसी और डुप्लीकेसी पर लगेगी रोक
कन्नौज। कलेक्ट्रेट के गांधी सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने निजी विद्यालयों की कार्यप्रणाली पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि अभिभावकों से फीस, ड्रेस और पुस्तकों के नाम पर अनावश्यक बोझ न डाला जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालय समाज में अपने अच्छे कार्यों से पहचाने जाते हैं, इसलिए बढ़ती शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए व्यवस्थाओं में सुधार लाना आवश्यक है। डीएम ने निर्देशित किया कि किसी भी छात्र को किताबें, जूते, मोजे या यूनिफॉर्म किसी विशेष दुकान से खरीदने के लिए बाध्य न किया जाए। साथ ही विद्यालयों के आसपास पान-मसाला और गुटखा की दुकानों पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि विद्यालय की पोशाक में पांच शैक्षणिक वर्षों से पहले बदलाव न किया जाए। यदि आवश्यक हो तो इसका प्रस्ताव जिला या मंडलीय शुल्क नियामक समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि सभी स्ववित्त पोषित विद्यालयों को उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2018 के तहत निर्धारित प्रावधानों के अनुसार ही शुल्क संरचना तय करनी होगी। बिना मान्यता के विद्यालय संचालन और मान्यता प्राप्त कक्षाओं से अधिक कक्षाएं चलाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। एसपी विनोद कुमार ने विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे और फायर सिस्टम अनिवार्य रूप से स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि छात्राओं से जुड़े मामलों की सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी इज्या तिवारी ने निर्देश दिए कि UPISVM पोर्टल पर शत- प्रतिशत डाटा फीडिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही शपथ-पत्र अपलोडिंग और 24 मानकों के अनुरूप स्कूली वाहनों की फिटनेस की जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए। जिला विद्यालय निरीक्षक पप्पू सरोज ने बताया कि सत्र 2026-27 में केवल एनसीईआरटी और परिषद की पुस्तकों से ही पढ़ाई कराई जाएगी। कॉपीराइट पुस्तकों की पाइरेसी और डुप्लीकेसी पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि गाइड और संदर्भ पुस्तकों की खरीद के लिए छात्रों पर किसी प्रकार का दबाव न बनाया जाए। अधिकृत विक्रेताओं द्वारा पुस्तक मेले और विक्रय शिविर आयोजित किए जाएंगे। बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी और विद्यालयों के प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।


