निजी पैथोलॉजी में डेंगू जांच शुल्क 600 रुपये तय, अधिक वसूली पर होगी कार्रवाई
• निगरानी के लिए सीएमओ ने जनपद स्तरीय जांच समिति का गठन किया

कन्नौज। डेंगू रोग की जांच के नाम पर मनमानी शुल्क वसूली पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। मुख्य चिकित्साधिकारी स्वदेश गुप्ता ने जनपद के सभी निजी चिकित्सालयों, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी एवं डायग्नोस्टिक सेंटरों को शासन द्वारा निर्धारित शुल्क का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ ने बताया कि शासन की ओर से निजी पैथोलॉजी केंद्रों में डेंगू जांच का अधिकतम शुल्क 600 रुपये निर्धारित किया गया है। किसी भी परिस्थिति में इससे अधिक शुल्क वसूलना नियम विरुद्ध माना जाएगा। यदि कोई निजी चिकित्सालय अथवा पैथोलॉजी केंद्र निर्धारित दर से अधिक शुल्क लेते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित संस्था की होगी। डेंगू जांच शुल्क एवं जांच की गुणवत्ता की निगरानी के लिए जनपद स्तरीय जांच समिति का गठन भी किया गया है। समिति में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एवं नोडल अधिकारी प्राइवेट चिकित्सालय/पैथोलॉजी डॉ. के.पी. त्रिपाठी को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बृजेश कुमार शुक्ल, जिला मलेरिया अधिकारी उदय प्रताप सिंह और एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. आतिफ हसन को सदस्य नामित किया गया है। सीएमओ ने बताया कि गठित समिति समय- समय पर निजी चिकित्सालयों और पैथोलॉजी केंद्रों का निरीक्षण करेगी। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शासन द्वारा निर्धारित शुल्क और गुणवत्ता मानकों का पालन हो रहा है या नहीं। जनपद में डेंगू की रोकथाम, समयबद्ध जांच और आमजन को किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष निगरानी अभियान भी चलाया जाएगा।

