बिजली विभाग की खराब रैंकिंग पर डीएम सख्त, सिकंदरपुर के एसडीओ पर कार्रवाई की संस्तुति
• शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर डीएम ने अपनाया कड़ा रुख

कन्नौज। विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली और शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने विभाग की खराब प्रगति पर नाराजगी जताते हुए खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में समीक्षा के दौरान सामने आया कि अप्रैल 2026 के सीएम डैशबोर्ड में विद्युत विभाग प्रदेश में 75वें स्थान पर रहा, जिस पर डीएम ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के दौर में बिजली आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन अधिकारी अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। समीक्षा में पाया गया कि विद्युत वितरण उपखंड-4 सिकंदरपुर में बिल संशोधन से संबंधित केवल 70.31 प्रतिशत शिकायतों का समय पर निस्तारण किया गया। वहीं स्मार्ट मीटर और प्रीपेड मीटर से जुड़ी 47.83 प्रतिशत तथा बिजली आपूर्ति संबंधी मात्र 36.32 प्रतिशत शिकायतों का ही तय समय सीमा में समाधान हो सका। अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण खंड, कन्नौज ने बैठक में बताया कि उपखंड-4 सिकंदरपुर में तैनात एसडीओ संजय यादव अपने दायित्वों के निर्वहन में पर्याप्त रुचि नहीं ले रहे हैं और शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण नहीं कराया जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने मामले को गंभीर मानते हुए एसडीओ के खिलाफ शासन स्तर से कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान मदर डेरी प्लांट प्रबंधन ने भी निर्बाध बिजली आपूर्ति न मिलने की समस्या उठाई। प्रबंधन ने बताया कि प्लांट के लिए स्थापित 11 केवी की स्पेशल लाइन पर अन्य उपभोक्ताओं को भी कनेक्शन दिए जाने से बार-बार ट्रिपिंग और ब्रेकडाउन की समस्या हो रही है, जिससे उत्पादन प्रभावित हो रहा है। इस पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल लाइन की जांच कर तकनीकी खामियां दूर करने और डेरी प्लांट को सुचारु बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक और डेयरी इकाइयों में बिजली बाधित होने से उत्पादन और रोजगार दोनों प्रभावित होते हैं, इसलिए ऐसी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। जिलाधिकारी ने सभी विद्युत अधिकारियों को उपभोक्ता शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि जनपद की रैंकिंग में सुधार हो और लोगों को बेहतर विद्युत सेवाएं मिल सकें।

