जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों की उपेक्षा पर चिंता, एमएसएमई को बढ़ावा सराहनीय: राज शर्मा

• आगामी नीतियों में व्यापारियों की समस्याओं व मांगों को गंभीरता से लेने की अपील

कन्नौज। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए मोदी 3.0 बजट को लेकर भारतीय उद्योग व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष राज शर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को बढ़ावा देना एक सराहनीय कदम है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट पर चर्चा करते हुए राज शर्मा ने कहा कि यह बजट मध्यम वर्ग, किसानों और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए मिला- जुला राहत भरा है। सरकार द्वारा इनकम टैक्स में टैक्स चोरी करने वालों को सजा के स्थान पर 30 प्रतिशत पेनल्टी लगाकर राहत देना स्वागत योग्य कदम है। हालांकि इस बजट में किसी भी टैक्स स्लैब में कोई विशेष बदलाव नहीं किया गया, जो मध्यम वर्ग को थोड़ी निराशा देता है। राज शर्मा ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों की मांगों को बजट में शामिल न किया जाना व्यापारियों को सोचने पर मजबूर कर रहा है। उन्होंने कहा कि व्यापारी आयुष्मान कार्ड, व्यापारी पेंशन योजना, विद्युत यूनिटों में विशेष छूट, जीएसटी विभाग में पंजीकृत व्यापारियों के लिए दुर्घटना बीमा राशि में वृद्धि जैसी महत्वपूर्ण मांगों पर सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में व्यापारियों की अहम भूमिका है, ऐसे में जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों की अनदेखी करना उचित नहीं है। राज शर्मा ने केंद्र सरकार से आगामी नीतियों में व्यापारियों की समस्याओं और मांगों को गंभीरता से लेने की अपील की।

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