संस्कृति, स्वाद और सुगंध का संगम बना ‘कन्नौज इत्रोत्सव’
• तीन दिवसीय इत्रोत्सव का हुआ समापन, अधिकारी व कर्मचारी हुए सम्मानित
कन्नौज। इत्र और इतिहास की नगरी कन्नौज में 14 से 16 मार्च तक बोर्डिंग ग्राउंड में आयोजित कन्नौज इत्रोत्सव 2026 का सोमवार को भव्य समापन हुआ। तीन दिवसीय उत्सव में कन्नौज की पारंपरिक इत्र निर्माण कला, स्थानीय उद्योग और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। उत्सव में लगे स्टालों पर गुलाब, चमेली, बेला, मोगरा, केवड़ा, रजनीगंधा, जूही और खस से बने पारंपरिक अत्तर व सुगंधित तेलों का प्रदर्शन किया गया। सूचना विभाग सहित विभिन्न विभागों ने जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रदर्शनी लगाकर लोगों को जानकारी दी। फूड स्टालों और सेल्फी प्वाइंट पर भी लोगों की भीड़ उमड़ी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में राम जन्म पर आधारित अवधी लोकगायन, ब्रज की फूलों वाली होली पर नृत्य- गायन तथा स्कूली बच्चों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समापन अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि इत्रोत्सव का उद्देश्य कन्नौज के पारंपरिक इत्र उद्योग को बढ़ावा देना और कारीगरों- उद्यमियों को नए अवसर उपलब्ध कराना है। सफल आयोजन में सहयोग करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को सहभागिता प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।


