कन्नौज में साइबर ठगी के शिकार होमगार्ड अधिकारी के चार लाख रुपये बचाए
• पुलिस अधिकारी की डीपी लगाकर ठगों ने किया था कॉल, बेटे की गिरफ्तारी का झूठा डर दिखाकर ठगे थे चार लाख
कन्नौज। पुलिस अधिकारी की फोटो लगाकर व्हाट्सएप कॉल करने वाले साइबर ठगों ने होमगार्ड विभाग में तैनात एक कंपनी कमांडर को उनके बेटे की गिरफ्तारी का झूठा डर दिखाकर चार लाख रुपये ठग लिए। हालांकि पीड़ित की त्वरित शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने बैंक और साइबर पोर्टल के माध्यम से कार्रवाई करते हुए पूरी धनराशि होल्ड करा दी, जिससे रकम सुरक्षित बचा ली गई। पुलिस के अनुसार, सदर कोतवाली क्षेत्र के खिदिरपुर बाघ निवासी एवं होमगार्ड विभाग में तैनात कंपनी कमांडर शिवप्रसाद के पास 23 जुलाई 2026 को व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने पुलिस अधिकारी की फोटो डीपी पर लगाई हुई थी और खुद को पुलिस अधिकारी बताया। आरोपी ने झूठा दावा किया कि उनके बेटे को दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उसे छोड़ने के नाम पर तत्काल चार लाख रुपये बताए गए बैंक खाते में जमा कराने का दबाव बनाया गया। बेटे के संबंध में अचानक मिली सूचना से घबराए शिवप्रसाद ने साइबर ठगों के बताए खाते में चार लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुछ देर बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने तुरंत साइबर थाना कन्नौज से संपर्क किया। सूचना मिलते ही साइबर थाना प्रभारी ध्यानेंद्र प्रताप सिंह अपनी टीम के साथ सक्रिय हो गए। पुलिस ने पीड़ित को बैंक ले जाकर संबंधित बैंक अधिकारियों और राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से समन्वय स्थापित किया। त्वरित कार्रवाई के चलते ट्रांसफर की गई पूरी चार लाख रुपये की धनराशि को समय रहते होल्ड करा दिया गया, जिससे पीड़ित की रकम सुरक्षित हो गई। एसपी विनोद कुमार ने बताया कि साइबर अपराधों में समय पर शिकायत मिलने पर धनराशि सुरक्षित कराए जाने की संभावना काफी बढ़ जाती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति पुलिस, सीबीआई, ईडी, न्यायालय या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई का डर दिखाते हुए पैसे मांगे, तो उसकी बातों में न आएं और बिना सत्यापन कोई भी धनराशि ट्रांसफर न करें। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी की किसी भी घटना में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या निकटतम साइबर थाना अथवा पुलिस थाने से संपर्क करें।

