मां जहारा देवी के चौथे मेले में दस लाख श्रद्धालुओं ने टेका माथा
मां जहारा देवी के चौथे मेले में दस लाख श्रद्धालुओं ने टेका माथा
—-माता के दरबार में चढ़ाया अनाज, दूर-दराज से पहुंचे भक्त; पानी की व्यवस्था न होने से श्रद्धालुओं को हुई परेशानी—-
संजीव प्रजापति
तालग्राम/कन्नौज। रोहली स्थित मां जहारा देवी के दरबार में भादों मास के चौथे शनिवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मेले में करीब दस लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का दावा किया गया। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में माथा टेककर अनाज चढ़ाया और अखंड ज्योति पर घी अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। सुबह मंदिर के पट खुलते ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, मंदिर परिसर में भक्तों की संख्या बढ़ती गई। श्रद्धालुओं द्वारा बड़ी मात्रा में अनाज चढ़ाया गया। मेला परिसर में करीब पांच हजार पैकेट अनाज चढ़ाए जाने की बात सामने आई। श्रद्धालुओं ने अखंड ज्योति की पूजा-अर्चना कर मां का आशीर्वाद लिया।
- गुजरात और राजस्थान से भी पहुंचे श्रद्धालु
मेले में लकड़ी की दुकानों पर भी काफी भीड़ रही। दुकानदारों ने बताया कि लकड़ी से बने गृहस्थी के सामान, बेलन, पट्टा, खटिया, पाया, मूसर, बैलों के जुआ और हल आदि की बिक्री हुई। गुजरात और राजस्थान से आए श्रद्धालुओं ने पशुओं के लिए घुंघरू, झालर और घंटियों की खरीदारी की। खोया-पाया शिविर में परिजनों से बिछड़े लोगों को माइक के माध्यम से सूचना देकर उनके परिवार से मिलाया गया। मेले में उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और गुजरात समेत कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे।
- चढ़ावे में नेपाली रुपये मिलने की चर्चा
मेला प्रभारी ने बताया कि विभिन्न प्रदेशों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मेले में पहुंचे। चढ़ावे में नेपाली मुद्रा के नोट मिलने की भी चर्चा रही। इससे नेपाल से श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया गया, हालांकि विदेशी श्रद्धालुओं की स्पष्ट पुष्टि नहीं हो सकी। देर रात तक चढ़ावे की गिनती का क्रम जारी रहा।
- चार थानों की पुलिस ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था
थाना तालग्राम प्रभारी निरीक्षक रंजना पांडेय ने बताया कि मेले में चार थानों का पुलिस बल तैनात रहा। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती कर सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी गई। खोया-पाया केंद्र के माध्यम से बिछड़े लोगों को माइक से सूचना देकर परिजनों से मिलाया गया। मेले में स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध रहीं।मेले में तहसीलदार गिरीशचंद्र, नायब तहसीलदार रामप्रकाश, मेला प्रभारी अवनेंद्र सिंह, सह मेला प्रभारी ध्रुवकुमार वर्मा समेत प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री और एसपी विनोद कुमार ने मेले का निरीक्षण कर सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मंदिर परिसर आने-जाने वाले मार्गों पर लगाए गए बैरिकेडिंग का भी निरीक्षण कर यातायात व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए।
- पानी के लिए भटकते रहे श्रद्धालु
मेले में सबसे बड़ी समस्या पेयजल व्यवस्था को लेकर सामने आई। दूर-दराज से आए कई श्रद्धालुओं को पीने का पानी नहीं मिल सका और उन्हें पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। कुछ श्रद्धालुओं ने बताया कि पानी की व्यवस्था न होने से उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बताया गया कि लो-वोल्टेज की समस्या के कारण मंदिर परिसर में लगी पानी की टंकी नहीं भर सकी, जिसके चलते श्रद्धालुओं को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा। कई भक्त बिना पानी पिए ही वापस लौटने को मजबूर हुए।



