तेज रफ्तार रोडवेज बस ने बाइक सवार तीन दोस्तों को कुचला, तीनों की मौत

तेज रफ्तार रोडवेज बस ने बाइक सवार तीन दोस्तों को कुचला, तीनों की मौत

जन्माष्टमी की झांकी देखने के बाद गांव लौटते समय हुआ दर्दनाक हादसा, चालक बस लेकर फरार

गुरसहायगंज/कन्नौज। गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार तीन दोस्तों की मौत हो गई। तीनों युवक एक ही बाइक पर सवार होकर गुरसहायगंज नगर में जन्माष्टमी की झांकियां देखने गए थे। देर रात गांव लौटते समय नेशनल हाईवे के पूर्वी बाईपास पर हुडवाबुजुर्ग कट के पास तेज रफ्तार रोडवेज बस ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद बस चालक मौके से बस लेकर फरार हो गया।

जानकारी के अनुसार, गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के बैसनपुरवा गांव निवासी अनुराग (18) पुत्र बृजेश सिंह और आशीष (15) पुत्र गौरव सिंह, तथा तालग्राम थाना क्षेत्र के अमोेलर निवासी अमन (18) पुत्र घनश्याम एक ही बाइक पर सवार होकर गुरसहायगंज नगर में जन्माष्टमी की झांकियां देखने गए थे। रात करीब 1:30 बजे तीनों दोस्त वापस बैसनपुरवा गांव जाने के लिए निकले थे।

बताया गया कि जैसे ही वे गुरसहायगंज में नेशनल हाईवे के पूर्वी बाईपास पर हुडवाबुजुर्ग कट के पास पहुंचे, तभी तेज रफ्तार रोडवेज बस ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। रात का सन्नाटा होने के कारण बस चालक घायलों को सड़क पर छोड़कर बस लेकर फरार हो गया।

अस्पताल पहुंचने पर नहीं मिला डॉक्टर

हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों बाइक सवारों की पहचान कर उनके परिजनों को सूचना दी। गंभीर हालत में तीनों को गुरसहायगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में उस समय ड्यूटी पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। डॉक्टर के आने में करीब 30 मिनट की देरी हुई। इसी दौरान तीनों युवकों की हालत बिगड़ती गई और उनकी मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल और गांव में बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

नाना के घर रह रहा था अमन

बताया गया कि अमोलर निवासी अमन बचपन से ही बैसनपुरवा गांव में अपने नाना हुकुम सिंह के घर रह रहा था। वह अपने दोस्तों अनुराग और आशीष के साथ बाइक से जन्माष्टमी की झांकी देखने गया था। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ देर बाद यह खुशी का माहौल मातम में बदल जाएगा।

अमन के परिजन अमन सिंह ने बताया कि यदि गुरसहायगंज के सरकारी अस्पताल में समय से डॉक्टर मिल जाते तो संभव है कि एक या दो छात्रों की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों के अनुसार, घटना के समय अस्पताल में दो कर्मचारी मौजूद थे, जिन्होंने डॉक्टर के पांच मिनट में आने की बात कहते हुए फोन पर सूचना दी थी, लेकिन डॉक्टर करीब आधे घंटे बाद पहुंचे।

पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस फरार रोडवेज बस और उसके चालक की तलाश में जुटी है। हादसे के संबंध में पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

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