शिक्षक दिवस पर विशेष: 50 बच्चों से 342 तक का सफर

• पीएम श्री जसपुरापुर प्रथम बना परिषदीय शिक्षा का रोल मॉडल, प्रधानाध्यापिका की मेहनत लायी रंग

जलालाबाद, कन्नौज। सरकारी विद्यालयों की बदलती तस्वीर की मिसाल बना पीएम श्री प्राथमिक विद्यालय जसपुरापुर प्रथम अब परिषदीय शिक्षा में रोल मॉडल के रूप में पहचान बना रहा है। नवंबर 2016 में प्रधानाध्यापिका रेनू कमल ने जब विद्यालय का कार्यभार संभाला था, तब यहां केवल 50 से 55 विद्यार्थी नामांकित थे। शिक्षकों की मेहनत, नवाचार और अभिभावकों से लगातार संवाद का परिणाम है कि सत्र 2026- 27 में छात्र संख्या बढ़कर 342 पहुंच गई है। प्रधानाध्यापिका रेनू कमल को उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य शिक्षक पुरस्कार- 2021, आईसीटी के क्षेत्र में राज्य स्तरीय सम्मान और कई बार जनपद स्तरीय उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार मिल चुका है। विद्यालय को निपुण चैंपियन का खिताब भी प्राप्त हुआ है। सत्र 2022-23 में विद्यालय का चयन पीएम श्री योजना के तहत हुआ। यहां बास्केटबॉल, टेबल टेनिस व बैडमिंटन कोर्ट, स्मार्ट क्लास, प्रोजेक्टर, आईपी सीसीटीवी कैमरे, बाल वाटिका, लाइब्रेरी, टीएलएम आधारित शिक्षण और दिव्यांग सुलभ शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में भी विद्यालय के बच्चों ने शानदार प्रदर्शन किया है। छात्रा सुहानी का चयन नवोदय विद्यालय में हुआ, जबकि विद्याज्ञान की मुख्य परीक्षा में एक और प्री परीक्षा में तीन विद्यार्थी सफल हुए। सर्वोदय विद्यालय में 12 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की। प्रधानाध्यापिका ने सफलता का श्रेय बीएसए के मार्गदर्शन और शिक्षक साथियों जसवीर, सुमन, लोकेंद्र, सौरभ, पूजा, अंजलि, जागृति, शर्मिला व श्वेता को दिया।

छह गुना से अधिक बढ़ी छात्र संख्या
जलालाबाद। नवंबर 2016 में महज 50-55 विद्यार्थियों से शुरू हुआ पीएम श्री प्राथमिक विद्यालय जसपुरापुर प्रथम आज 342 विद्यार्थियों की संख्या तक पहुंच चुका है। आठ वर्षों में छात्र संख्या में छह गुना से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। विद्यालय में बेहतर शैक्षिक माहौल, आधुनिक सुविधाओं, नवाचार आधारित शिक्षण और शिक्षकों की मेहनत से अभिभावकों का सरकारी स्कूल के प्रति विश्वास लगातार बढ़ा है।

प्रतियोगी परीक्षाओं में भी परचम
जलालाबाद। पीएम श्री प्राथमिक विद्यालय जसपुरापुर प्रथम के विद्यार्थियों ने पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है। विद्यालय की छात्रा सुहानी का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय में हुआ। वहीं विद्याज्ञान की मुख्य परीक्षा में एक विद्यार्थी तथा प्री परीक्षा में तीन विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की। इसके अलावा सर्वोदय आवासीय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में 12 विद्यार्थियों का चयन हुआ। शिक्षकों द्वारा नियमित अतिरिक्त कक्षाएं चलाकर बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है।

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