लंबी बीमारी के चलते लोकतंत्र सेनानी सुखवासी लाल का निधन
लंबी बीमारी के चलते लोकतंत्र सेनानी सुखवासी लाल का निधन
आपातकाल के विरोध में लोकतांत्रिक आंदोलन में लिया था हिस्सा, जेल भी गए थे; सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक के निधन से गांव में शोक
तालग्राम/कन्नौज। थाना तालग्राम क्षेत्र के ग्राम गोविंदपुर कुकापुर निवासी लोकतंत्र सेनानी एवं सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक सुखवासी लाल का लंबी बीमारी के चलते गुरुवार रात करीब नौ बजे निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। शुक्रवार को गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
जानकारी के अनुसार सुखवासी लाल का जन्म 17 नवंबर 1941 को हुआ था। वर्ष 1975 में आपातकाल के दौरान चले लोकतांत्रिक आंदोलन में उन्होंने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था। आंदोलन के दौरान उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इसके बाद उन्हें लोकतंत्र सेनानी के रूप में जाना गया।
सुखवासी लाल ने शिक्षा के क्षेत्र में भी लंबे समय तक अपनी सेवाएं दीं। वह प्राथमिक विद्यालय रसूलाबाद में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत रहे और वर्ष 2000 में सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्ति के बाद भी वह बच्चों और समाज के लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करते रहे।
परिजनों के मुताबिक 1 जुलाई 2026 को उनकी तबीयत खराब हुई थी। इसके बाद उनका कानपुर के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। लंबी बीमारी से जूझने के बाद 3 सितंबर 2026 की रात करीब नौ बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
परिजनों ने बताया कि सुखवासी लाल परिवार के सबसे बुजुर्ग सदस्यों में से एक थे। वह बच्चों को हमेशा शिक्षा का महत्व समझाते थे। साथ ही देश की आजादी, लोकतांत्रिक मूल्यों और अपने जीवन के अनुभवों से जुड़ी बातें भी बच्चों व ग्रामीणों को बताया करते थे। उनके निधन से परिवार के साथ गांव में भी शोक का माहौल है।
उनके परिवार में दो पुत्र राधेश्याम और रामसेवक तथा तीन पुत्रियां मालती देवी, आशा देवी और परमानंदनी हैं। पत्नी रामवेटी देवी का पति के निधन के बाद रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि सुखवासी लाल के निधन से परिवार ने अपना मार्गदर्शक खो दिया है।
अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और शुभचिंतक मौजूद रहे। लोकतंत्र सेनानी को अंतिम विदाई देते समय परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं।
सूचना पर छिबरामऊ तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे। वहीं थाना प्रभारी निरीक्षक रंजना पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने लोकतंत्र सेनानी सुखवासी लाल को श्रद्धांजलि अर्पित कर अंतिम विदाई दी। साथ ही शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया और आवश्यक सलाह देते हुए अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराने में सहयोग किया।
ग्रामीणों ने सुखवासी लाल के निधन को क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।



