पेट में लाठी घोंपने का आरोप, इलाज के दौरान 17 वर्षीय छात्र की मौत
पेट में लाठी घोंपने का आरोप, इलाज के दौरान 17 वर्षीय छात्र की मौत
मौत से पहले छात्र का वीडियो आया सामने, युवक पर लगाया था आरोप; मां ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की
रिपोटर संजीव प्रजापति तालग्राम
तालग्राम/कन्नौज। थाना क्षेत्र के निकवा गांव में विवाद के दौरान 17 वर्षीय छात्र के पेट में लाठी मारने के आरोप के बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। छात्र करीब 25 दिनों से कानपुर के निजी अस्पताल में उपचाराधीन था। मौत से पहले बनाए गए एक वीडियो में छात्र एक युवक पर घटना के संबंध में आरोप लगाता नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। निकवा गांव निवासी विनीता यादव पत्नी शिशुपाल सिंह ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 31 जुलाई 2026 को उनके 17 वर्षीय पुत्र विशाल यादव के साथ गांव में विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी दौरान एक युवक ने विशाल के पेट में लाठी से वार कर दिया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। परिजन घायल विशाल को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तालग्राम ले गए। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे तिर्वा रेफर कर दिया। इसके बाद हालत में अपेक्षित सुधार न होने पर परिजन उसे कानपुर के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां उसका उपचार चल रहा था। परिजनों के अनुसार, एक अगस्त को विशाल को कानपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने ऑपरेशन कर उसके पेट से लाठी का हिस्सा निकालने की बात बताई गई। इसके बावजूद उसकी हालत गंभीर बनी रही। करीब 25 दिनों तक उपचार चलने के बाद 25 अगस्त की रात करीब 12 बजे विशाल की मौत हो गई।
- मौत से पहले वीडियो हुआ वायरल
विशाल की मौत से पहले बनाया गया एक वीडियो भी सामने आया है। परिजनों का कहना है कि वीडियो में छात्र घटना के संबंध में गांव के एक युवक पर आरोप लगाता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद मामले को लेकर लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई। छात्र की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतक की मां विनीता यादव ने थाना पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कराने, आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
- पुलिस ने कहा—आरोपों और साक्ष्यों की जांच जारी
इस मामले में थाना प्रभारी निरीक्षक रंजना पांडेय ने बताया कि परिजनों की ओर से पहले किसी प्रकार का आरोप नहीं लगाया गया था और न ही घटना के संबंध में पुलिस को सूचना दी गई थी। अब दिए गए प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों तथा सामने आए अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।पुलिस जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।


