इलाज के दौरान छात्र की मौत, परिवार में मचा कोहराम
इलाज के दौरान छात्र की मौत, परिवार में मचा कोहराम
31 जुलाई को खेलते समय छात्र के पेट में घुसी थी लाठी, 26 दिन तक कानपुर में चला इलाज; मौत की खबर से परिवार में मचा कोहराम
तालग्राम (कन्नौज)। थाना क्षेत्र के निकवा गांव में 31 जुलाई को घर के बाहर खेलते समय हादसे में घायल हुए 17 वर्षीय छात्र की करीब 26 दिन तक चले इलाज के बाद मंगलवार को मौत हो गई। छात्र की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार निकवा गांव निवासी शिशुपाल यादव का 17 वर्षीय पुत्र विशाल यादव 31 जुलाई को घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान अचानक गिरने से वहां पड़ी लाठी उसके शरीर में घुस गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद परिजन उसे तत्काल राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे कानपुर रेफर कर दिया। परिजनों के मुताबिक विशाल का कानपुर के एक निजी अस्पताल में करीब 26 दिनों तक इलाज चला, लेकिन मंगलवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। छात्र की मौत की खबर जैसे ही गांव और परिजनों को मिली, परिवार में कोहराम मच गया।
*दो भाई और एक बहन में सबसे बड़ा था विशाल*
विशाल अपने दो भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा था। उसके छोटे भाई आकाश यादव की उम्र 12 वर्ष और बहन अनामिका की उम्र आठ वर्ष है। बेटे की मौत से मां विनीता यादव का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोगों का कहना है कि विशाल घर का बड़ा बेटा होने के साथ ही परिवार की उम्मीद था।
“अब किसको बांधूंगी राखी…”
विशाल का पार्थिव शरीर जब बुधवार सुबहे घर पहुंचा तो पूरे परिवार में मातम छा गया। आठ वर्षीय छोटी बहन अनामिका अपने बड़े भाई के पार्थिव शरीर से लिपटकर बिलख-बिलखकर रोने लगी। मासूम बहन बार-बार यही कहती रही कि “अब मैं किसको राखी बांधूंगी…”
परिजनों के अनुसार रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक था और बहन अपने बड़े भाई को राखी बांधने की तैयारी कर रही थी, लेकिन त्योहार से पहले ही भाई की मौत ने परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं। बहन की मासूम पुकार सुनकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। वही विशाल की मौत के बाद पूरे निकवा गांव में शोक की लहर है। परिवार के लोगों और रिश्तेदारों का घर पर तांता लगा रहा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।



