टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का मशाल जुलूस

• शिक्षक- शिक्षकाओं ने एक जुटकर होकर शहर में निकाला मशाल जुलूस, कि नारेबाजी

कन्नौज। जनपद में सोमवार को अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले शिक्षकों ने मशाल जुलूस निकालकर सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्यता का विरोध जताया। शिक्षकों ने सरकार से इस निर्णय को वापस लेने की मांग की। मशाल जुलूस पुराने बीएसए कार्यालय से शुरू होकर तिर्वा क्रॉसिंग, सरायमीरा स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया प्रतिमा स्थल तक निकाला गया। इस दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहीं। महासंघ के जिला संयोजक सुशील कुमार यादव ने कहा कि आरटीई एक्ट लागू होने से पहले से कार्यरत शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता थोपना अनुचित है। इससे प्रदेश और देश के लाखों शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस निर्णय को वापस लिए जाने के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर यह प्रदर्शन किया गया। जिला संयोजक प्रवीण पाठक ने कहा कि पुराने शिक्षकों पर टीईटी की बाध्यता लागू करना अव्यावहारिक है, जबकि जिला सोशल मीडिया प्रभारी अवधनारायण ने इसे सेवा शर्तों के विरुद्ध बताया। इस दौरान सुनील राजपूत, रामनारायण बौद्ध, बृजपाल भदौरिया, कौशलेंद्र चौहान, सुमन, सरिता गौतम, रीमा गौतम, मीरा कमल, मधु कमल, शीला राजपूत, भावना पाल, गीता यादव, भारती मौर्या, महेंद्र कुशवाहा, सूफियान अहमद, आलोक यादव, मदार बक्स, रमाकांत पाल, मुकेश राजपूत, प्रभात गौतम, जियाउल हसन, संदीप यादव, विवेक प्रकाश, मनीष शुक्ला, अजय पाठक, विपिन कुमार, रामप्रकाश, शेर सिंह सहित सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।

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