मिड-डे मील में लापरवाही उजागर, प्रभारी प्रधानाध्यापक मिले अनुपस्थित

• अनुपस्थित होने पर भी बीईओ को बाकायदा रजिस्टर में मिले हस्ताक्षर

• छात्र उपस्थिति गिरी 22 प्रतिशत, अभिलेखों में पाई गई अनियमितता

कन्नौज। विकास खंड तालग्राम के ग्राम रसूलपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे-मील योजना की गुणवत्ता को लेकर की गई शिकायत सही पाई गई। निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप सिंह ने बताया कि दाल में पानी की अधिक मात्रा और भोजन की गुणवत्ता में कमी की शिकायत पर बीईओ रमेश चंद्र चौधरी द्वारा विद्यालय का औचक निरीक्षण कराया गया। निरीक्षण के समय विद्यालय में अनुचर गगन उपस्थित मिले, जबकि प्रभारी प्रधानाध्यापक जितेन्द्र कुमार अनुपस्थित पाए गए। बताया गया कि सहायक अध्यापिका श्रीमती रेनू बाला 26 जनवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 तक बाल्यकाल देखभाल अवकाश पर हैं। विद्यालय में रसोइया कृष्णा कुमारी और श्रीमती शर्मिला द्वारा भोजन तैयार किया जा रहा था। निरीक्षण में कक्षा 6, 7 और 8 में नामांकित छात्रों के सापेक्ष उपस्थिति अत्यंत कम मिली। कक्षा 6 में 22 में से 5, कक्षा 7 में 12 में से 4 और कक्षा 8 में 16 में से केवल 2 छात्र उपस्थित थे। कुल उपस्थिति मात्र 11 रही। बीते तीन दिनों में भी क्रमशः 16, 15 और 14 छात्र ही उपस्थित रहे, जिससे लगातार गिरावट स्पष्ट हुई। रसोइयों ने बताया कि मिड-डे मील मेनू के अनुसार ही भोजन वितरित किया जाता है और बच्चों को विद्यालय के बाहर पक्के स्थान पर बैठाकर भोजन कराया जाता है। बच्चों ने बताया कि सोमवार को फल और दूध वितरित किया जाता है, लेकिन इस संबंध में कोई अभिलेखीय या फोटोग्राफिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जा सका। जांच में यह भी सामने आया कि प्रभारी प्रधानाध्यापक पूर्व दिवस में भी अनुपस्थित थे, जबकि उपस्थिति पंजिका में उनके हस्ताक्षर दर्ज मिले। इसके अलावा विद्यालय की मिड-डे-मील पंजिका में 9 सितंबर 2025 के बाद कोई प्रविष्टि नहीं की गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि संबंधित प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा विद्यालय संचालन और मिड-डे मील योजना के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। छात्र उपस्थिति घटकर 22 प्रतिशत रह जाना विभागीय जिम्मेदारियों के प्रति उदासीनता का प्रमाण है। इससे विभाग की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए संबंधित के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की संस्तुति की गई है। साथ ही भविष्य में मिड-डे मील योजना की गुणवत्ता, पारदर्शिता और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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