जिले में सुरक्षित यातायात के लिए 1215 लाख का शासन को भेजा प्रस्ताव
• जनवरी 2025 की तुलना में जनवरी 2026 में सड़क दुर्घटनाओं और मृतकों की संख्या में आई कमी
कन्नौज। कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी देवेन्द्र सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने बताया कि जनवरी 2025 की अपेक्षा जनवरी 2026 में सड़क दुर्घटनाओं एवं मृतकों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है, जो सकारात्मक संकेत है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ठोस रणनीति तैयार की जाए। सड़क दुर्घटना की रोकथाम, यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और आमजन में जागरूकता बढ़ाने के लिए स्पष्ट रोडमैप बनाकर कार्य किया जाए। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि रोड सेफ्टी से जुड़े विभिन्न स्टेक होल्डर विभागों से प्रस्ताव तैयार कराकर 1215.00 लाख रुपये का समेकित प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान कर वहां चेतावनी संकेतक, स्पीड ब्रेकर, रिफ्लेक्टर आदि लगाए जाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने यूपीडा के अंडरपास और इंटरसेक्शन पर रम्बल स्ट्रिप/रिपीटेड स्ट्रिप का कार्य सुनिश्चित कराने तथा अनाधिकृत कट बंद कराने पर विशेष जोर दिया। कहा कि स्कूली विद्यार्थियों, वाहन चालकों और आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों के लिए सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग सुनिश्चित कराया जाए। नियमित प्रवर्तन अभियान चलाकर ओवरलोडिंग और नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि ड्रिंक एंड ड्राइविंग के मामलों में 10 हजार रुपये जुर्माना और लाइसेंस निलंबन का प्रावधान है, जिसे सख्ती से लागू किया जाए। बैठक में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी इज्या तिवारी, लोकनिर्माण विभाग निर्माण खंड-1 के अधिशासी अभियंता संजीव कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी रहे।


