18 फरवरी से शुरू यूपी बोर्ड परीक्षा, जिले में बनाए गए 96 परीक्षा केंद्र
• प्रशासन ने की 3 जोनल मजिस्ट्रेट, 15 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 96 स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती
- परीक्षा अवधि के दौरान जिले में धारा 144 लागू, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
कन्नौज। हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा-2026 को नकलविहीन, निष्पक्ष और पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने जनपद स्तरीय प्रशासनिक तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएंगी। इसके लिए जनपद में कुल 96 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षाएं दो पालियों में होंगी। प्रथम पाली सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक और द्वितीय पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा के सफल एवं सुचारु संचालन के लिए प्रशासन ने 3 जोनल मजिस्ट्रेट, 15 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 96 स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की है। सेक्टर मजिस्ट्रेट दोनों पालियों में प्रतिदिन अपने- अपने क्षेत्रों के परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। वहीं स्टेटिक मजिस्ट्रेट परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले केंद्र पर पहुंचकर केंद्र व्यवस्थापक के साथ सभी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा करेंगे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, पेन ड्राइव, पेजर सहित किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा परीक्षा अवधि के दौरान परीक्षा केंद्रों और उसके आसपास ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर भी पूर्ण रोक रहेगी। जिले को तीन प्रशासनिक जोनों में विभाजित किया गया है। संबंधित उपजिलाधिकारी अपने-अपने तहसील क्षेत्रों में नोडल मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य करेंगे। सभी जोनल मजिस्ट्रेट पुलिस विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर कानून-व्यवस्था बनाए रखेंगे और प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि परीक्षा अवधि के दौरान पूरे जनपद में धारा 144 लागू रहेगी। इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी जोनल, सेक्टर या स्टेटिक मजिस्ट्रेट परीक्षा समाप्ति तक बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ेगा, अन्यथा संबंधित अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे।


