छिबरामऊ में चंद्रशेखर आजाद की हुंकार, भाजपा सरकार और बसपा पर साधा निशाना

• कहा 2027 में बदलेगी सत्ता, वोट की ताकत को पहचानें

छिबरामऊ, कन्नौज। नगीना लोकसभा सीट से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद एडवोकेट ने बुधवार को छिबरामऊ क्षेत्र के कपूरपुर में आयोजित जनसभा में भाजपा सरकार और बहुजन समाज पार्टी पर जमकर हमला बोला। आयोजित सभा में भारी संख्या में लोग पहुंचे। मंच से उन्होंने इसे छिबरामऊ के राजनीतिक इतिहास की अहम जनसभा बताया। सभा को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि यह कार्यक्रम पहले छिबरामऊ विधानसभा क्षेत्र के कसावा गांव में प्रस्तावित था, लेकिन प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जनसभा को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन कार्यकर्ताओं की मेहनत से कपूरपुर में कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित हुआ। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए इसे पार्टी की बढ़ती ताकत का संकेत बताया। जनसभा को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक अजय कुमार, क्षेत्राधिकारी सुरेश कुमार तिवारी और निरीक्षक विष्णुकांत तिवारी मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के तहत भारी पुलिस बल और पीएसी की एक बटालियन तैनात की गई थी।

बसपा पर परोक्ष हमला
अपने भाषण में चंद्रशेखर आजाद ने बसपा सुप्रीमो मायावती का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज को अब यह समझना होगा कि उनके हित में वास्तव में कौन खड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांशीराम के नाम पर राजनीति तो की गई, लेकिन उनके सपनों को पूरा नहीं किया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि दलितों को अधिकार और सम्मान डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान की देन है।

आरक्षण और नौकरियों को लेकर भाजपा सरकार पर आरोप
सांसद ने भाजपा सरकार पर पिछड़े और दलित वर्ग के आरक्षण को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कई जगह आरक्षित पदों पर सामान्य वर्ग के लोगों को नियुक्त किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस भर्ती में आरक्षण से छेड़छाड़ की गई है, जिससे समाज के युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।


2027 के लिए वोट की ताकत पर जोर
चंद्रशेखर आजाद ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे लोगों को वोट की अहमियत समझाएं। उन्होंने कहा कि जब तक वोट की ताकत है, तब तक नेता जनता के पास आते हैं। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों को घर-घर जाकर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का निर्देश दिया।

सामाजिक सौहार्द और अन्य मुद्दे
उत्तराखंड में दुकानों के नाम बदलने के विवाद और बजरंग दल की सक्रियता का जिक्र करते हुए उन्होंने सामाजिक सौहार्द की बात की। उन्होंने हिंदू-मुस्लिम मुद्दों पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए सरकार के ‘सबका साथ, सबका विकास’ नारे को खोखला बताया। इसके अलावा उन्होंने यूजीसी से जुड़े कानूनों और सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।

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